जिला अस्पताल मे सीजर के नाम पर वसुली का आरोप - प्रशासन सख्त


आदिवासी महिला से सीजर के लिए 5 हजार रुपये लेने का मामला               
 👉   डॉ. गीता बारमाटे पर कार्रवाई के लिए भेजा जाएगा प्रस्ताव

बालाघाट / जिला चिकित्सालय बालाघाट में पदस्थ एक स्त्री रोग विशेषज्ञ द्वारा आदिवासी महिला से सीजर (ऑपरेशन) के लिए रुपये लेने का मामला सामने आया है। इस संबंध में कलेक्टर श्री मृणाल मीना ने गंभीरता दिखाते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. परेश उपलप को जांच कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

👉  शिकायत में लगाया गया रुपये मांगने का आरोप

सीएमएचओ डॉ. उपलप ने जानकारी दी कि बिरसा विकासखंड के ग्राम कोडबीरकोना पंचायत के घुम्मूर निवासी रतनी मरकाम, जो कि बैगा जनजाति की महिला हैं, ने जिला चिकित्सालय के विरुद्ध शिकायत दर्ज कराई है।

रतनी मरकाम के अनुसार, वह 3 नवम्बर को जांच हेतु जिला चिकित्सालय आई थी। जांच के दौरान स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. गीता बारमाटे के कहने पर उनके सहायक के माध्यम से सीजर ऑपरेशन के लिए 5,000 रुपये मांगे गए थे।

रतनी ने बताया कि यह राशि उसके पति परदेशी मरकाम द्वारा दी गई थी। कुछ समय बाद उक्त 5,000 रुपये की राशि वापस कर दी गई, लेकिन शिकायतकर्ता का कहना है कि सीजर की व्यवस्था और अच्छे उपचार के नाम पर अग्रिम धनराशि की मांग की गई थी।

👉   एक माह बाद प्रसव की संभावना

पीड़िता रतनी मरकाम ने अपने बयान में बताया कि अभी प्रसव की संभावित तिथि में लगभग एक माह का समय शेष है। उसने आरोप लगाया कि चिकित्सक की ओर से कहा गया था कि अग्रिम राशि देने पर आगे का इलाज और सीजर “ठीक-ठाक” किया जाएगा।
रतनी मरकाम ने सीएमएचओ कार्यालय में दिए गए अपने लिखित बयान में कहा कि गरीब होने के बावजूद उसने चिकित्सक की बात मानकर राशि दे दी, लेकिन बाद में उसे लगा कि यह गलत है। इसलिए उसने पूरी घटना की शिकायत प्रशासन को सौंपी।

👉    प्रशासन ने ली गंभीरता से जांच

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. परेश उपलप ने बताया कि शिकायत की सत्यता की जांच की जा रही है। जांच में मिले तथ्यों के आधार पर संबंधित चिकित्सक डॉ. गीता बारमाटे के विरुद्ध कार्यवाही के लिए प्रस्ताव कलेक्टर बालाघाट को भेजा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में मरीजों अथवा उनके परिजनों से किसी भी प्रकार का पैसों का लेनदेन कदापि बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिला प्रशासन की नीति है कि सरकारी अस्पतालों में सभी मरीजों को नि:शुल्क और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं।

👉    कलेक्टर ने दिए सख्त निर्देश

कलेक्टर श्री मृणाल मीना ने कहा कि यदि कोई भी चिकित्सक या कर्मचारी उपचार के नाम पर धनराशि मांगता है या लेता है, तो उस पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अस्पतालों में आने वाले मरीजों के साथ आदरपूर्वक व्यवहार किया जाए और उन्हें शासन द्वारा दी जा रही योजनाओं का पूरा लाभ सुनिश्चित किया जाए।

  👉      जिला प्रशासन की अपील

जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि यदि किसी सरकारी अस्पताल में उपचार के बदले पैसे मांगे जाते हैं, तो उसकी सूचना तुरंत मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय या कलेक्टर कार्यालय को दें। शिकायत पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।

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