प्रहलाद गजभिये ( जिला ब्युरो बालाघाट)
रामपायली/बालाघाट मध्यप्रदेश शासन के जनजागरूकता अभियान "नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" के अंतर्गत गुरुवार को रामपायली स्थित शासकीय कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय में नशामुक्ति जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पुलिस एवं शिक्षा विभाग के संयुक्त प्रयास से आयोजित इस कार्यक्रम में छात्राओं, शिक्षकों और पुलिस अधिकारियों ने नशामुक्त समाज के निर्माण का सामूहिक संकल्प लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराकर उन्हें स्वस्थ, सुरक्षित और जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करना था।
कार्यक्रम थाना रामपायली के नवागत थाना प्रभारी विनोद यादव के नेतृत्व एवं पुलिस विभाग के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ। इस अवसर पर उप निरीक्षक कलशराम उइके, सहायक उप निरीक्षक तरुण सोनेकर, आरक्षक नागेश बघेल, रानू चौधरी, रजनी रजक तथा आर. नरोत्तम सहित पुलिस बल उपस्थित रहा। विद्यालय परिवार ने सभी अतिथियों का आत्मीय स्वागत किया।
विद्यालय की प्राचार्य मंजुषा ठाकुर ने अपने संबोधन में कहा कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नहीं, बल्कि परिवार, समाज और राष्ट्र की प्रगति को भी प्रभावित करता है। उन्होंने विद्यार्थियों से नैतिक मूल्यों को अपनाने और नशे से दूर रहकर समाज के लिए प्रेरणास्रोत बनने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का संचालन शिक्षिका भावना पटले ने किया। उन्होंने छात्राओं एवं उपस्थित सभी लोगों को नशामुक्ति की शपथ दिलाते हुए स्वयं नशे से दूर रहने तथा अपने परिवार, मित्रों और समाज को भी जागरूक करने का संकल्प दिलाया। सैकड़ों छात्राओं द्वारा एक साथ हाथ उठाकर ली गई शपथ ने पूरे विद्यालय परिसर को सामाजिक चेतना और उत्साह से भर दिया।
उप निरीक्षक कलशराम उइके ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि शराब, तंबाकू, गुटखा, सिगरेट और अन्य मादक पदार्थ युवाओं के भविष्य को बर्बाद कर देते हैं। उन्होंने कहा कि यदि आसपास कोई व्यक्ति नशे की गिरफ्त में दिखाई दे तो उसे समझाने का प्रयास करें और आवश्यकता पड़ने पर पुलिस को सूचना दें। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस का उद्देश्य केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं, बल्कि समाज को नशे जैसी बुराइयों से मुक्त करना भी है।
पुलिस अधिकारियों ने नशे के मानसिक, शारीरिक, आर्थिक और सामाजिक दुष्प्रभावों की जानकारी देते हुए बताया कि नशा अपराध, सड़क दुर्घटनाओं, घरेलू हिंसा और पारिवारिक विघटन जैसी गंभीर समस्याओं का प्रमुख कारण बनता है। उन्होंने छात्राओं से खेल, शिक्षा, अनुशासन और सकारात्मक सोच को जीवन का आधार बनाने का आग्रह किया।
कार्यक्रम में छात्राओं से अपने घरों, गांवों और समाज में नशामुक्ति का संदेश पहुंचाने की अपील भी की गई। उन्होंने संकल्प लिया कि वे स्वयं किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहेंगी तथा दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करेंगी।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेशभर में 15 से 30 जुलाई 2026 तक "नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य वर्ष 2029 तक नशामुक्त मध्यप्रदेश के संकल्प को जनभागीदारी के माध्यम से साकार करना है। इसके तहत विद्यालयों, महाविद्यालयों, ग्राम पंचायतों एवं शासकीय संस्थानों में रैली, शपथ, संगोष्ठी, पोस्टर प्रतियोगिता और अन्य जनजागरूकता गतिविधियाँ आयोजित की जा रही हैं।
रामपायली का यह आयोजन पुलिस और शिक्षा विभाग के प्रभावी समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सामने आया। कार्यक्रम ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि नशामुक्त समाज का निर्माण तभी संभव है, जब प्रशासन, विद्यालय, परिवार और समाज मिलकर इसे जनआंदोलन का स्वरूप दें।।
👉 अभयवाणी न्यूज़ का स्पष्ट मत है कि नशामुक्त समाज का सपना तभी साकार होगा, जब जागरूकता, जनभागीदारी और कानून का सख्त पालन—तीनों साथ-साथ चलें। यही एक स्वस्थ, सुरक्षित और सशक्त समाज की नींव है।
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