Silwani News: डीपी-पोल के नाम पर 60 हजार वसूली का आरोप, शिकायतकर्ता के खिलाफ FIR

🚨 बड़ी खबर सिलवानी से 🚨
क्या किसानों के नाम पर वसूले गए 60 हजार रुपये का सच कभी सामने आएगा? क्या शिकायत करने वाले किसान ही आरोपी बन गए? आखिर जिन आवेदनों में धोखाधड़ी, जातिसूचक अपमान, धमकी और अभद्रता के आरोप लगाए गए, उन्हीं आवेदनों के बीच ऐसा क्या हुआ कि अब शिकायतकर्ता केशव अहिरवार के खिलाफ ही एफआईआर दर्ज हो गई? सिलवानी से सामने आया यह मामला अब कई सवाल खड़े कर रहा है।

संक्षिप्त सार

  • धोखाधड़ी: ठेकेदार मनीष शर्मा और प्रेम शर्मा पर डी.पी. और पोल लगवाने के नाम पर किसानों से 60,000 रुपये लेने का आरोप।
  • दबंगई: जातिसूचक शब्द कहने, जान से मारने की धमकी देने और अभद्र भाषा के प्रयोग का आरोप।
  • प्रशासनिक लापरवाही: आरोप है कि थाना सिलवानी में शिकायत नहीं सुनी गई।
  • नया घटनाक्रम: शिकायतकर्ता केशव अहिरवार के विरुद्ध एफआईआर दर्ज, मारपीट का आरोप, फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं।




सिलवानी (कृष्ण कांत सोनी)।
रायसेन जिले की सिलवानी के ग्राम भानपुर और चुनैटिया के किसानों द्वारा दिए गए आवेदन अब पूरे विवाद का केंद्र बन गए हैं। किसानों का आरोप है कि विद्युत विभाग के निजी ठेकेदार मनीष शर्मा और प्रेम शर्मा ने डी.पी. और पोल लगवाने के नाम पर उनसे लगभग 60,000 रुपये वसूले, लेकिन कार्य पूरा नहीं किया। इसी संबंध में किसानों ने लगातार आवेदन देकर अपनी राशि वापस दिलाने और कार्रवाई की मांग की।

पीड़ित केशव अहिरवार का आरोप है कि जब उन्होंने अपने पैसे और कार्य को लेकर सवाल उठाया तो उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। उनका कहना है कि उन्हें जातिसूचक शब्द कहे गए, जान से मारने की धमकी दी गई और अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया गया। पीड़ित पक्ष का दावा है कि उनके पास कथित कॉल रिकॉर्डिंग भी मौजूद है, जिसमें ठेकेदारों द्वारा गाली-गलौज और अभद्र भाषा का इस्तेमाल सुनाई देता है।

किसानों का कहना है कि उन्होंने इस पूरे मामले को लेकर कई आवेदन संबंधित अधिकारियों को दिए। इन आवेदनों में डी.पी. और पोल के नाम पर ली गई राशि, कथित अभद्रता और कार्रवाई की मांग का उल्लेख किया गया है। किसानों का आरोप है कि लगातार आवेदन देने के बावजूद उन्हें अपेक्षित राहत नहीं मिली, जिससे उनकी परेशानी लगातार बढ़ती गई।

अब इस पूरे मामले में नया घटनाक्रम सामने आया है। शिकायतकर्ता केशव अहिरवार के विरुद्ध ही एफआईआर दर्ज कर ली गई है। उन पर ठेकेदार मनीष शर्मा के साथ मारपीट करने का आरोप लगाया गया है। सूत्रों के अनुसार, एफआईआर दर्ज होने के बाद केशव अहिरवार फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं। इस घटनाक्रम के बाद पूरा मामला नया मोड़ ले चुका है।

एक ओर किसान अपने आवेदनों के माध्यम से कथित रूप से ली गई राशि वापस दिलाने और न्याय की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर शिकायतकर्ता के खिलाफ मामला दर्ज होने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं। किसानों का कहना है कि उनकी मूल शिकायतों और आवेदनों की निष्पक्ष जांच होना आवश्यक है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि डी.पी. और पोल के नाम पर राशि लेने तथा अभद्र व्यवहार के आरोपों में कितनी सच्चाई है।

फिलहाल यह मामला किसानों के आवेदनों, ठेकेदारों पर लगाए गए आरोपों और शिकायतकर्ता के खिलाफ दर्ज एफआईआर के बीच उलझा हुआ है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि संबंधित अधिकारी किसानों द्वारा दिए गए आवेदनों और पूरे घटनाक्रम की जांच किस दिशा में आगे बढ़ाते हैं।











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