जिओ की मनमानी से तिरोड़ी के रीटेलर को हजारों का नुकसान पास प्लस अकाउंट ब्लॉक कर उड़ाए 4000 रुपये, शिकायतों के बाद भी नहीं मिला समाधान रीटेलर बोला- बिना सूचना आईडी ब्लॉक करना गलत, अब उपभोक्ता फोरम में करेंगे शिकायत।

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तिरोड़ी / बालाघाट
 jio.com⁠ कंपनी की कार्यप्रणाली को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। तिरोड़ी निवासी मोबाइल रीटेलर अमित जैन ने जिओ कंपनी, उसके अधिकारियों एवं स्थानीय डिस्टीब्यूटर पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि कंपनी द्वारा बिना किसी पूर्व सूचना के उनकी पास प्लस आईडी ब्लॉक कर दी गई और अकाउंट में मौजूद लगभग 4000 रुपये की राशि भी समाप्त कर दी गई। कई स्तर पर शिकायत करने के बावजूद आज तक न तो उनका पैसा वापस मिला और न ही अकाउंट चालू किया गया। परेशान रीटेलर अब मामले को उपभोक्ता फोरम तक ले जाने की तैयारी कर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार जिओ कंपनी विभिन्न क्षेत्रों में अपने डिस्टीब्यूटर नियुक्त करती है। इन डिस्टीब्यूटरों के माध्यम से स्थानीय मोबाइल दुकानदारों और रीटेलरों को रिचार्ज बिक्री एवं सिम एक्टिवेशन का कार्य दिया जाता है। इसके लिए रीटेलरों को “जिओ पास प्लस” ऐप डाउनलोड कराया जाता है और उन्हें अलग-अलग लॉगिन आईडी एवं पासवर्ड प्रदान किए जाते हैं।
तिरोड़ी क्षेत्र में डिस्टीब्यूटर राधे भाजीपाले द्वारा तिरोड़ी निवासी अमित जैन की दुकान “वर्धमान मोबाइल शॉप” के नाम से जिओ पास प्लस आईडी बनाई गई थी। अमित जैन के अनुसार उनकी प्राइम आईडी नंबर 0660558614 थी, जिसके माध्यम से वह जिओ रिचार्ज बेचने एवं सिम एक्टिवेशन का कार्य करते थे। नियमित व्यापार के चलते डिस्टीब्यूटर द्वारा उनके अकाउंट में “ऑटो रिफिल” सुविधा भी सक्रिय की गई थी, जिससे बैलेंस कम होने पर स्वतः 5000 रुपये का बैलेंस अकाउंट में जुड़ जाता था।
अमित जैन ने बताया कि 15 मई 2025 को उनके पास प्लस अकाउंट में 5000 रुपये का ऑटो रिफिल आया था। इसमें से उन्होंने लगभग 1000 रुपये का रिचार्ज ग्राहकों को बेचा। अगले दिन जब उन्होंने पुनः लॉगिन करने का प्रयास किया तो आईडी लॉगिन नहीं हुई। शुरुआत में उन्हें तकनीकी समस्या लगी, लेकिन बाद में डिस्टीब्यूटर से संपर्क करने पर उन्हें एफएसई (फील्ड सेल्स एग्जीक्यूटिव) से बात करने को कहा गया।
एफएसई से चर्चा करने पर उन्हें बताया गया कि उनकी आईडी कंपनी द्वारा ब्लॉक कर दी गई है और अकाउंट बैलेंस भी शून्य हो चुका है। जब अमित जैन ने इसका कारण पूछा तो कथित तौर पर उन्हें बताया गया कि वह जिओ नंबरों पर रिचार्ज कराकर ग्राहकों को दूसरे ऑपरेटर में पोर्ट करवाने में मदद कर रहे थे, इसलिए कंपनी ने कार्रवाई की है।
रीटेलर अमित जैन ने इस आरोप को गलत बताते हुए कहा कि कोई भी ग्राहक अपनी इच्छा से नंबर पोर्ट करवा सकता है और रीटेलर केवल रिचार्ज सेवा उपलब्ध कराता है। उन्होंने कहा कि यदि कंपनी को कोई आपत्ति थी तो पहले नोटिस, कॉल, एसएमएस या ईमेल के माध्यम से जानकारी दी जानी चाहिए थी। बिना सूचना अकाउंट ब्लॉक करना और बैलेंस समाप्त कर देना पूरी तरह अनुचित है।
अमित जैन के अनुसार उन्होंने इस मामले में जिओ के अधिकारियों एमएसएम गौरव बग्गा एवं जेसीएम बाली से भी संपर्क किया। अधिकारियों द्वारा सात दिन के भीतर बैलेंस वापस करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन लंबे समय बीत जाने के बाद भी न तो पैसा वापस मिला और न ही समस्या का समाधान हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार शिकायतों के बावजूद कंपनी अधिकारी इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।
घटना के बाद क्षेत्र के अन्य मोबाइल रीटेलरों में भी नाराजगी देखी जा रही है। कई दुकानदारों का कहना है कि यदि कंपनी बिना सूचना किसी भी समय आईडी ब्लॉक कर सकती है, तो इससे छोटे व्यापारियों का आर्थिक नुकसान हो सकता है। फिलहाल अमित जैन ने पूरे मामले को उपभोक्ता फोरम में ले जाने की तैयारी शुरू कर दी है और उन्होंने न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रखने की है।
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                       बालाघाट
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