सियरमऊ में भागवत कथा का द्वितीय दिवस: परीक्षित कथा के माध्यम से गौ रक्षा और सदाचार का संदेश

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कृष्ण कांत सोनी 


रायसेन जिले की सिलवानी तहसील के ग्राम सियरमऊ में आयोजित सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के द्वितीय दिवस पर श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति के बीच कथा का श्रवण किया गया। कथा वाचक सत्यम “मधुरम” जी महाराज ने अपने प्रवचन में श्रीमद्भागवत में वर्णित राजा परीक्षित की कथा का भावपूर्ण वर्णन करते हुए धर्म, करुणा और सदाचार का महत्व बताया।


अपने प्रवचन में महाराज ने कहा कि सनातन धर्म मनुष्य को सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उन्होंने राजा परीक्षित के प्रसंग के माध्यम से बताया कि जब समाज में अधर्म बढ़ता है तो उसके दुष्परिणाम भी सामने आते हैं। गौ हत्या, हिंसा, मदिरा सेवन और जुआ जैसे कृत्य मनुष्य और समाज दोनों के पतन का कारण बनते हैं। इसलिए इन बुराइयों से दूर रहकर धर्म और सदाचार का पालन करना ही मानव जीवन का सच्चा मार्ग है।


महाराज ने गौ माता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सनातन परंपरा में गौ सेवा और संरक्षण को विशेष स्थान दिया गया है। उन्होंने श्रद्धालुओं से गौ रक्षा के प्रति जागरूक रहने और समाज में करुणा तथा सह-अस्तित्व की भावना को मजबूत करने की अपील की। प्रवचन के दौरान श्रद्धालु भावविभोर होकर कथा श्रवण करते रहे और बीच-बीच में भगवान के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।


कथा स्थल पर गांव सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। पूरे परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया है और धार्मिक माहौल बना हुआ है। आयोजन समिति और शाह परिवार द्वारा श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं, जिससे प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग कथा में शामिल होकर धर्म लाभ ले रहे हैं।


यह सात दिवसीय भागवत कथा 12 मार्च से 18 मार्च तक आयोजित की जा रही है, जिसमें प्रतिदिन दोपहर से शाम तक श्रद्धालु कथा श्रवण कर आध्यात्मिक आनंद प्राप्त कर रहे हैं। गांव में इस आयोजन को लेकर उत्सव जैसा वातावरण बना हुआ है और श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है।

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