जिला चिकित्सालय के SNCU में नवजात को मिला जीवनदान चिकित्सकीय टीम की सतत निगरानी से बची नन्ही जान।

बालाघाट
जिला चिकित्सालय बालाघाट की स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (SNCU) में समर्पित चिकित्सा सेवा और समय पर लिए गए सटीक निर्णयों के चलते एक नवजात शिशु को नया जीवन मिला। यह घटना न केवल जिला चिकित्सालय की उन्नत स्वास्थ्य सुविधाओं को दर्शाती है, बल्कि चिकित्सकीय टीम की संवेदनशीलता और दक्षता का भी प्रमाण है।
सिविल सर्जन डॉ. निलय जैन ने जानकारी देते हुए बताया कि नीतू हरिनखेड़े को प्रसव हेतु एक निजी अस्पताल ले जाया गया था, जहां आपात स्थिति में सीजर ऑपरेशन की सलाह दी गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने परिजनों को जिला चिकित्सालय में ही सीजर कराने की सलाह दी, ताकि माता एवं शिशु को तत्काल विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध कराया जा सके।
सीजर ऑपरेशन के बाद जन्मे शिशु का वजन 2 किलो 100 ग्राम था। जन्म के तुरंत बाद शिशु की स्थिति अत्यंत गंभीर हो गई। उसे सांस लेने में कठिनाई हो रही थी, शरीर नीला पड़ रहा था, फेफड़े धंस रहे थे और गले से तेज आवाजें आ रही थीं। शिशु की नाजुक स्थिति देखकर परिजन घबरा गए और उसे तत्काल गोंदिया ले जाने पर जोर देने लगे।
इस चुनौतीपूर्ण समय में डॉ. निलय जैन ने स्वयं शिशु की लगातार निगरानी की और परिजनों को भरोसा दिलाया कि जिला चिकित्सालय में ही बेहतर उपचार संभव है। चिकित्सकीय टीम ने तत्काल शिशु को SNCU में भर्ती कर ऑक्सीजन सपोर्ट उपलब्ध कराया तथा आवश्यकता अनुसार सीपैप मशीन के माध्यम से श्वसन सहायता दी।
लगातार 4 से 5 दिनों की गहन देखरेख और उपचार के बाद शिशु की हालत में सुधार होने लगा। छठे दिन शिशु पूरी तरह खतरे से बाहर आ गया और स्वयं मुंह से दूध पीने लगा। वर्तमान में शिशु पूर्णतः स्वस्थ है और SNCU से छुट्टी दी जा रही है।
अपने बच्चे को स्वस्थ देखकर माता-पिता की आंखों में खुशी और संतोष झलक उठा। उन्होंने डॉ. निलय जैन, डॉ. सुधा जैन एवं SNCU की पूरी टीम का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जिला चिकित्सालय के डॉक्टरों ने उनके बच्चे को नया जीवन दिया है।
यह घटना जिला चिकित्सालय बालाघाट की उन्नत नवजात देखभाल सुविधाओं और समर्पित चिकित्सकीय टीम की कार्यकुशलता का सशक्त उदाहरण है, जो हर आपात स्थिति में जरूरतमंदों के लिए आशा की किरण बन रही है।

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