सिविल अस्पताल बैहर ने रचा चमत्कार -पहली सिजेरियन के बाद कराई सुरक्षित नॉर्मल डिलीवरी ।

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बालाघाट / बैहर
सिविल अस्पताल बैहर बना उम्मीद का सहारा, पुस्तकला तिल्लासी की दूसरी नॉर्मल डिलीवरी कर रचा मिसाल ।
पहली बार हुए सिजेरियन ऑपरेशन के बाद किसी भी प्रसूता के लिए दूसरी नॉर्मल डिलीवरी किसी चुनौती से कम नहीं होती। लेकिन सिविल अस्पताल बैहर की चिकित्सा टीम ने न केवल इस चुनौती को स्वीकार किया, बल्कि अपनी कुशलता और संवेदनशीलता से इसे एक अनोखी सफलता में बदल दिया।
ग्राम पोंगार की निवासी पुस्तकला तिल्लासी, अपने पति शिवप्रसाद तिल्लासी के साथ 02 दिसंबर को दूसरी संतान के प्रसव हेतु सिविल अस्पताल बैहर पहुँची थीं। पहला प्रसव सिजेरियन हुआ था, जिससे स्वाभाविक रूप से परिवार चिंता और आशंका में था। निजी अस्पताल का खर्च उठाना भी परिवार के लिए संभव नहीं था।
इसी बीच जैसे ही पुस्तकला को लेबर पेन शुरू हुआ, अस्पताल की टीम तुरंत सक्रिय हो गई।
बीएमओ डॉ. हरीश मसराम, डॉ. अनंत लिल्हारे, पदमा परिहार, नर्सिंग ऑफिसर योगेश्वरी ऊईके और उर्मिला पटेल की निगरानी में प्रसव की पूरी प्रक्रिया अत्यंत सावधानी और विशेषज्ञता के साथ की गई। परिणामस्वरूप पुस्तकला की सुरक्षित नॉर्मल डिलीवरी कराई गई।
कुछ ही देर बाद जब पुस्तकला की गोद में नवजात शिशु सौंपा गया, तो परिवार की खुशियों का ठिकाना न रहा। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के लिए यह केवल बच्चे का जन्म नहीं, बल्कि बिना किसी खर्च के मिला सुरक्षित मातृत्व और सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर बढ़ा विश्वास था।
वर्तमान में जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।
यह घटना एक बार फिर सिद्ध करती है कि सरकारी चिकित्सा संस्थान — विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में — सही उपचार, सही मार्गदर्शन और संवेदनशील सेवा के दम पर हजारों परिवारों के लिए उम्मीद, सुरक्षा और भरोसे की सबसे मजबूत कड़ी बन रहे हैं।
      क्राइम रिपोर्टर - प्रताप गेडाम
            अभयवाणी न्यूज

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